कफ सिरप मामले में फरार शुभम जायसवाल घोषित भगोड़ा

written by सर्वमंगला मिश्रा (Consulting editor)
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के तहत कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक अहम मामले में फरार चल रहे आरोपी शुभम जायसवाल को आखिरकार न्यायालय ने भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई थाना कोतवाली पुलिस की लगातार निगरानी, कानूनी प्रक्रिया और प्रभावी पैरवी का नतीजा मानी जा रही है।
मामले की सुनवाई के दौरान माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (दूतगामी), वाराणसी की अदालत ने 4 अप्रैल 2026 को बीएनएसएस की धारा 84(4) के तहत यह आदेश जारी किया। दरअसल, आरोपी को पहले ही न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह 30 मार्च 2026 को निर्धारित तारीख पर अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
इससे पहले न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2026 को आरोपी के खिलाफ उद्घोषणा (इश्तेहार) जारी किया गया था। पुलिस ने नियमों के तहत आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा किया, सार्वजनिक स्थानों पर सूचना लगाई और मुनादी के जरिए आम लोगों तक यह जानकारी पहुंचाई। इतना ही नहीं, आदेश का प्रकाशन प्रमुख समाचार पत्रों में भी कराया गया, ताकि आरोपी को हर संभव तरीके से अवगत कराया जा सके। बावजूद इसके, शुभम जायसवाल ने न तो आत्मसमर्पण किया और न ही न्यायालय के आदेशों का पालन किया।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों कफ सिरप जैसे नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर फरार और वांछित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम की भूमिका अहम रही। टीम ने लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मामले को मजबूत तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
फिलहाल, आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद गिरफ्तारी के प्रयास और भी आक्रामक तरीके से किए जा रहे हैं, और जल्द ही शुभम जायसवाल को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।
