खर्ग द्वीप के चारों ओर अमेरिका की घेराबंदी

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हरिकेश कुमार सिंह (एग्जीक्यूटिव एडिटर)

खर्ग द्वीप के चारों ओर अमेरिका की घेराबंदी

अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले के बाद से ही वैश्विक चिंता बनी हुई है कि आख़िर इस युद्ध का परिणाम क्या होगा
युद्ध के दो हफ़्ते बीत जाने के बाद भी ना तो ईरान पीछे हटने को तैयार है और ना ही अमेरिका
वैश्विक तेल व्यापार को लगभग बाधित कर चुका ईरान , होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर भी रुकावट बना हुआ है
पूर्वी एशिया के तमाम देशों को अमेरिका ने कहा है कि वो रूस से ज़रूरत के तेल ले सकते हैं ,भारतीय उपमहाद्वीप में तेल के दाम आसमान छूने लगे हैं

इराक़ की तरफ़ से बताया गया है कि बग़दाद स्थित अमेरिका के दूतावास के हैली पैड पर मिसाइल से हमला हुआ है , ये दूसरी बार हमला हुआ है

भारत के 92000 टन LPG भरे हुए जहाज़ों को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जाने का रास्ता , ईरान ने दिया है

दूसरी तरफ़ अमेरिका ने ईरान के आर्थिक रूप से बेहद मज़बूत द्वीप खार्ग को नष्ट करने
के लिए हमले किए

ईरान का लगभग अस्सी प्रतिशत तेल का निर्यात यहीं से किया जाता है

ट्रंप ने कहा है कि हमले का जो लक्ष्य था वो नब्बे प्रतिशत पूरा हुआ है

अमेरिका ने हमले के लिए B2 बॉम्बर का इस्तेमाल किया है

ट्रंप ने कहा है कि अगर अभी भी ईरान ने तेल निर्यात का रास्ता रोका तो इस बार उसके तेल भंडार पर हमला किया जाएगा

दूसरी तरफ़ ईरान का कहना है की अगर ईरान के तेल भंडार पर कोई भी हमला हुआ तो इसका नतीजा अमेरिका भुगतेगा ट्रम्प ने कहा है कि हम
ईरान की विद्युत क्षमता एक घंटे में खत्म कर सकते हैं
जिसे दोबारा बनाने में उसे पच्चीस वर्ष लग जायेंगे इसराइल ने कहा है कि ईरान युद्ध अपने अंतिम चरण में हैं लेकिन युद्ध ज़रूरत के मुताबिक़ ही ख़त्म किया जाएगा. ट्रम्प का कहना है कि अगर ईरान क्षेत्र में जहाजरानी में दखल देता है तो खर्ग द्वीप के तेल संयंत्र अगला निशाना हो सकते हैं।
अमेरिकी सरकार का कहना है कि खर्ग द्वीप पर हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने 90 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले के बाद भी खर्ग द्वीप से ईरान का आधिकारिक तेल निर्यात पूरी तरह से जारी है।
ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना द्वारा उसके द्वीप पर हमले के बाद यूएई में अमेरिकी ठिकाने उसके लक्ष्य हैं

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